नवरात्रों
में घट स्थापना का विधान है | इस वर्ष 18 मार्च से “विलम्बी” नामक
सम्वत्सर का आरम्भ होने जा रहा है – जिसके लिए माना जाता है कि जन साधारण में धन
धान्य और सुख समृद्धि की प्रचुरता रहने की सम्भावना है | इस सम्वत्सर का देवता
“विश्वेदेव” को माना जाता है | जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है “विश्वेदेव” से
तात्पर्य सभी देवताओं से है | ऋग्वेद में विश्वेदेव की स्तुति के अनेक मन्त्र
उपलब्ध होते हैं | इन्हें मानवों का रक्षक तथा सत्कर्मों का सुफल प्रदान करने वाला
माना जाता है | ऐसा विश्व का देव जिस सम्वत्सर का देवता हो वह सम्वत्सर भी निश्चित
रूप से जन साधारण के लिए शुभ ही होना चाहिये...
माँ
भगवती सबकी मनोकामना पूर्ण करें, इसी भावना से घटस्थापना के साथ कल से आरम्भ हो रहे नवरात्रों की तथा
“विलम्बी” नामक नवसम्वत्सर की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ...
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