सर्वार्थ सिद्धि
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अर्थात 18 मार्च से भारतीय हिन्दू नव वर्ष का
आरम्भ होने जा रहा है | इस नव वर्ष को “विलम्बी” नामक सम्वत्सर के रूप में जाना
जाता है | इस सम्वत्सर का आरम्भ “सर्वार्थ सिद्धि” योग में हो रहा है | रविवार को
सूर्य और चन्द्र दोनों उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में हैं, अतः सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा
है | यद्यपि ऐसा माना जाता है कि यदि प्रतिपदा अथवा तृतीया तिथि हो तो यह योग
निष्फल हो जाता है | किन्तु सूर्य और चन्द्र दोनों उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में होने
के कारण सर्वार्थ सिद्धि योग को बल मिल रहा है | जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, सर्वार्थ सिद्धि अर्थात समस्त कामनाओं को सिद्ध करने वाला – समस्त कार्यों
को सिद्ध करने वाला | चन्द्र नक्षत्र और वारों के विविध संयोगों से यह योग बनता है
| आइये जानते हैं यह योग बनता किस प्रकार है...
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