शनिवार, 17 फ़रवरी 2018

सफलता के सूत्र



सफलता के सूत्र
अपने पिछले लेख “Success - सफलता - के सूत्र” को ही आगे बढ़ाते हैं | सफलता की कामना करना कोई बुरी बात नहीं है | यही कामना व्यक्ति को श्रमशील बनाती है और सफलत कब तथा कैसे प्राप्त हो सकती है – इस विषय में विचार विमर्श करने के लिए व्यक्ति Vedic Astrologers के पास जाता है | उनके द्वारा प्राप्त Career Guidance से निश्चित रूप से एक दिशा निर्देश प्राप्त होता है कि हम किस दिशा में और किस प्रकार के प्रयास करें कि लक्ष्य प्राप्ति में सफलता प्राप्त हो | किन्तु यह सफलता कोई एक दो दिन की बात नहीं होती, यह तो निरन्तर चलते रहने वाली प्रक्रिया होती है | उदाहरण के लिये एक शिक्षक का शिष्य जब परिक्षा में उत्तीर्ण होकर स्वावलम्बी बन जाता है तो वह उस शिक्षक की सफलता होती है | किसी डाक्टर की दवा से रोगी का रोग दूर हो जाता है – यह उस डाक्टर की सफलता है | खिलाड़ी खेलों में मेडल्स जीत कर आते हैं – यह उनके क्रीड़ा कौशल की सफलता है | एक गृहिणी का स्नेह से बनाया भोजन परिवार के लोग रस लेकर ग्रहण करते हैं – यह उस गृहिणी की पाक कला की सफलता है | व्यवसाय में निरन्तर उन्नति प्राप्त करते जाना, नौकरी में निरन्तर पदोन्नति आदि भौतिक सफलताओं के साथ साथ किसी साधक का लक्ष्यसिद्ध हो जाना – यह उस साधक की साधना की सफलता है | इस प्रकार सफलताओं के लिये किसी प्रकार की सीमाओं का निर्धारण नहीं किया जा सकता | किन्तु किसी भी सफलता के लिये कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक होता है |
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