बुधवार, 14 फ़रवरी 2018

बिल्वपत्रं शिवार्पणम्



तीन दल अर्थात पत्रों से युक्त, सत्व रज तम रूपी त्रिगुणस्वरूप, तीन काल और तीनों लोक रूपी तीन नेत्रों से युक्त, तीन आयुध स्वरूप तथा तीनों जन्मों के पापों का संहार करने वाला बिल्वपत्र हम शिव को समर्पित करते हैं |
हमारे द्वारा श्रद्धा भक्तिपूर्वक अर्पित किया गया बिल्वपत्र भगवान शिव स्वीकार करें, इसी कामना के साथ व्रत का पारायण करते हुए प्रस्तुत है “बिल्वाष्टकम्”...
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्
जन्मपापसंहारं एक बिल्वं शिवार्पणम् |
त्रिशाखैर्बिल्वपत्रैश्च ह्याच्छिद्रैः कोमलैः शुभैः
शिवपूजां करिष्यामि बिल्वपत्रं शिवार्पणम् ||
अखण्ड बिल्व पात्रेण पूजिते नन्दिकेश्वरे
शुद्ध्यन्ति सर्वपापेभ्यो एक बिल्वं शिवार्पणम् |
शालिग्राम शिलामेकां विप्राणां जातु चार्पयेत्
सोमयज्ञ महापुण्यं एक बिल्वं शिवार्पणम् ||
दन्तिकोटि सहस्राणि वाजपेय शतानि च
कोटि कन्या महादानं एक बिल्वं शिवार्पणम् |
लक्ष्म्यास्तनुत उत्पन्नं महादेवस्य च प्रियम्
बिल्ववृक्षं प्रयच्छामि एक बिल्वं शिवार्पणम् ||
दर्शनं बिल्ववृक्षस्य स्पर्शनं पापनाशनम्
अघोरपापसंहारं एक बिल्वं शिवार्पणम् |
काशीक्षेत्रनिवासं च कालभैरव दर्शनम्
प्रयागमाधवं दृष्ट्वा एक बिल्वं शिवार्पणम् ||
मूलतो ब्रह्मरूपाय मध्यतो विष्णुरूपिणे
अग्रतः शिवरूपाय एक बिल्वं शिवार्पणम् |
बिल्वाष्टमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ  
सर्वपापविनिर्मुक्तः शिवलोकमवाप्नुयात् ||
ॐ नमः शिवाय... 
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