सर्वदेवात्मको रुद्रः सर्वे देवा:
शिवात्मका: |
रुद्रात्प्रवर्तते बीजं बीजयोनिर्जनार्दन:
||
यो रुद्रः स स्वयं ब्रह्मा यो ब्रह्मा स
हुताशनः |
ब्रह्मविष्णुमयो रूद्र अग्नीषोमात्मकं
जगत्त् ||
रूद्र ही ब्रह्मा भी है, रूद्र ही
विष्णु भी है
सभी देवता रूद्र के ही अंश हैं
सब कुछ रूद्र से ही उत्पन्न है
रूद्र स्वम्भू है
भगवान
शिव हम सभी के कष्टों को दूर कर सबकी मनोकामनाएँ पूर्ण करें... इसी कामना के साथ
महाशिवरात्रि की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ...

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