बुधवार, 13 दिसंबर 2017

शीत की पीत भोर



भर लें रोम रोम में शीतल मन्द पवन की मादकता  
डूबते हुए प्रकृति के इस सुहाने हास-विलास में
जो करती रहती है नित नई संरचना
क्योंकि शीत की ये सुहानी पीत भोर
करती है नवीन आशा का संचार कण कण में...
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http://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2017/12/14/%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%b0/

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