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सोमवार, 29 जनवरी 2018

Our Future is not Uncertain



पृथिवी सौरमण्डल का एक ग्रह है अतः इस पर सूर्य, चन्द्र तथा सौरमण्डल के अन्य ग्रहों का प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है | पृथिवी अपनी विशेष कक्षा में चलती है | इस कक्षा के चारों ओर कुछ तारकदल हैं – जिन्हें राशि राशि कहा जाता है तथा जिनकी संख्या वैदिक ज्योतिष के अनुसार 12 मानी गई है | इन बारह राशियों को पुनः 27 भागों में विभक्त किया गया है – जिन्हें नक्षत्र कहा जाता है | चन्द्रमा अपने उदयकाल में जिस नक्षत्र पर होता है उसे चन्द्रनक्षत्र कहा जाता है और उसी को आधार बनाकर समस्त गणनाएँ की जाती हैं |
इस प्रकार ज्योतिष केवल भविष्य की सम्भावित घटनाओं का फलकथन मात्र नहीं है, अपितु एक विज्ञान भी है... और इसीलिए यह हमारे वर्तमान के साथ साथ भूत और भविष्य को भी देखने की सामर्थ्य रखता है... एक सीमा तक... लक्ष्यप्राप्ति के लिए आवश्यकता है इच्छाशक्ति को दृढ़ रखते हुए अपने कर्मों के द्वारा अपने वर्तमान को सशक्त बनाने की... और भविष्य की नींव में हमारा वर्तमान ही तो होता है...
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शुक्रवार, 26 जनवरी 2018

The Happiness of The Mind – मन की प्रसन्नता


मन की प्रसन्नता किसी पद, प्रतिष्ठा अथवा सम्मान पर निर्भर नहीं करती | यह नर्भर करती है इस बात पर कि जो लोग हमारे साथ हैं उनके साथ हमारे सम्बन्ध कैसे हैं, उनके साथ हमारा व्यवहार कैसा है |
दूसरों के साथ मधुर सम्बन्ध बनाए रखने की सबसे पहली आवश्यकता है इस बात की कि उनकी बात को ध्यानपूर्वक सुनकर उनके विचारों और भावनाओं को समझने का प्रयास किया जाए | और दूसरों के विचारों तथा भावनाओं को समझने के लिए आवश्यक है कि सबसे पहले अपने विचारों तथा भावनाओं को सन्तुलित, संयमित और सकारात्मक बनाने का प्रयास किया जाए – अपने मन से भय, क्रोध, घृणा जैसे नकारात्मक विचारों को निकाल फेंका जाए और पहले ही से किसी के लिए नकारात्मक सोच बनाकर न बैठा जाए | यदि नकारात्मक विचार मन में होंगे तो सारे संसार में हमें नकारात्मक ही देखाई देगी |
दूसरों को हम वैसा ही समझते हैं जैसे हमारे विचार अथवा हमारी भावनाएँ होती हैं | हमारे विचार सकारात्मक होंगे तो हमारे मन में आनन्द की सरिता नितन्तर प्रवाहमान रहेगी और समूचा संसार हमें प्रेममय दिखाई देने लगेगा, क्योंकि समूची प्रकृति ही प्रेममयी है... आनन्दमयी है... हमारा मन और जीवन शैली बच्चों जैसी सरल होगी तो दूसरों के साथ हमारे सम्बन्धों में भी सरलता की मिठास घुली रहेगी...
हम सब सरल, सकारात्मक, प्रेममय और आनन्दमय जीवन व्यतीत करें, इसी भाव के साथ शुभकामना कि सभी का आज का दिन मंगलमय हो...


गुरुवार, 18 जनवरी 2018



कष्ट
लोग अक्सर ज्योतिषियों के पास इस आशा से जाता हैं कि ये एक Vedic Astrologer है, ये कोई ऐसा उपाय – कोई ऐसी Remedyहमें बता देगा कि हमारे सारे कष्ट दूर हो जाएँगे | और ज्योतिष के आधार पर ज्योतिषी उन्हें कभी कुछ पूजा करने की सलाह देते हैं, कभी कोई व्रत उपवास आदि करने की सलाह देते हैं, कभी कोई पत्थार यानी Stone पहना देते हैं | व्रत, उपवास, पूजा आदि लाभप्रद होते हैं – मनुष्य के जीवन में इनके महत्त्व से इन्कार नहीं किया जा सकता | हम चाहे जिस भी धर्म का पालन करते हों, हर धर्म का मूलाधार यही है कि जिस ईश्वर ने हमें ये मनुष्य शरीर दिया है कि इसमें रहकर हम इतने सारे कर्म कर सकते हैं, जिस ईश्वर ने हमें जीवन में बहुत कुछ दिया है – उस परमेश्वर के प्रति कृतज्ञता, उसके प्रति आस्था और श्रद्धा का भाव होना आवश्यक है | लेकिन कष्टों से घबराकर हम उन्हें और अधिक आकर्षित ही करते हैं |
संसार में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जिसके जीवन में कभी कोई कष्ट न रहा हो | किसी को बीमारी का कष्ट होता है, किसी को धन के अभाव का कष्ट होता है, किसी को असफलता या मानापमान का कष्ट होता है | किसी को सन्तान से कष्ट होता है तो किसी को जीवन साथी से तो किसी को माता पिता से – शत्रु-मित्रों से कष्ट होता है | अनगिनती कष्टों से संसार भरा हुआ है | लेकिन ये कष्ट अनुभव किसे होते हैं ? हमारे स्थूल शरीर को | उस शरीर को जो द्रश्य है | सूक्ष्म शरीर को तो कुछ अनुभव होता ही नहीं | 
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